बिजनौर में दस और की रिपोर्ट पॉजिटिव

बिजनौर में दस और की रिपोर्ट पॉजिटिव



संजय सक्सेना


बिजनौर।

नूरपुर में एक ही परिवार के 8 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से हड़कंप मच गया है। इसी के साथ जनपद में मरीजों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। इनमें से 60 मरीज ठीक हो चुके हैं।
मंगलवार देर शाम जारी हुई रिपोर्ट में दस कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें 8 नूरपुर और एक चांदपुर का मरीज शामिल है। सुबह एक महिला की भी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी, जिसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। नूरपुर के सभी आठों पॉजिटिव एक ही परिवार के सदस्य हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में दस पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हो जाने से जनपद में मरीजों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। नूरपुर के परिवार को घर से ले जा कर नूरपुर के एलआरएस डिग्री कॉलेज में क्वॉरेंटाइन कराया गया है। नूरपुर के सरकारी अस्पताल में 25 मई को मरीजों के सैंपल लिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नए आए 10 मरीजों में अधिकतर पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आने से हुए हैं।

49 केस एक्टिव:सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी विजय यादव ने बताया कि आज कुल 10 पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। अब तक कुल 113 मरीज पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें से 60 मरीज ठीक हो गए है। अब जनपद में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 49 रह गई है ।
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राजधानी पुलिस ने एक हफ्ते में बरामद किया नवजात बच्चा


क्वीन मेरी अस्पताल से 24 मई को हुआ था चोरी

Sanjay Saxena
लखनऊ। क्वीन मेरी अस्पताल से 24 मई को गायब हुए नवजात शिशु को चौक पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस को इस सफलता का हकदार बनाने में सीसीटीवी की मुख्य भूमिका रही। बच्चा ले जाते समय महिला चोर  सीसीटीवी में कैद हो गई थी।
डीसीपी वेस्ट सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के निर्देश पर चौक इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह 24 मई को क्वीन मेरी अस्पताल से गायब  नवजात शिशु के मामले में गहन जांच में जुटे थे। इस दौरान उन्होंने कई लोगों से पूछताछ की। साथ ही अस्पताल के अलावा आसपास के सीसीटीवी भी खंगाले। इन्हीं में नवजात बच्चे को चुराने वाले बांस मण्डी वजीरगंज निवासी महिला पुरुष भी कैद हो गए। इसके बाद पुलिस ने मुखबिरों का जाल बिछाया और फुटेज की मदद से पुलिस को बच्चा बरामदगी के तौर पर बड़ी सफलता हाथ लग गई। सोमवार को चौक पुलिस ने दबिश देकर बच्चा चोर पति पत्नी को बांस मण्डी वजीरगंज से गिरफ्तार कर लिया।
विदित हो कि हरदोई निवासी दम्पत्ति का नवजात शिशु क्वीन मेरी अस्पताल से चोरी कर लिया गया था।
चौक पुलिस ने नवजात को सकुशल ढूंढ कर उसके माता पिता के  सुपुर्द कर दिया। बच्चा पाकर परिजनों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। उन्होंने पुलिस टीम को धन्यवाद दिया।
बच्चे की बरामदगी में एसआई कर्ण प्रताप सिंह, एसआई जय नारायण दोहरे, एसआई हिमांचल सिंह, हेड कांस्टेबल मृत्युंजय सिंह की अहम भूमिका रही।
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इमरजेंसी के मरीजों का इलाज संक्रमण से बचाव प्रक्रिया के साथ हो

Sanjay Saxena

लखनऊ: प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कोविड-19 के मरीजों के उपचार हेतु राजकीय मेडिकल कालेजों में समर्पित एल-2 व एल-3 कोविड केयर सेन्टर स्थापित किए गये हैं। उन्होंने कहा कि नान कोविड मरीजों के लिए मेडिकल कालेजों में जिन मरीजों को आकस्मिकता/इमरजेंसी होती है, उनमें कोविड-19 की रिपोर्ट की प्रतीक्षा किए बिना ही इलाज प्रारम्भ करने की अपरिहार्यता रहती है। ऐसे मरीजों को पाॅजिटिव मानते हुए संक्रमण से पूरे बचाव की प्रक्रिया के साथ इलाज किया जाये। उन्होंने बताया कि नान कोविड मरीज जिनमें इमरजेंसी नहीं होती है, उनके स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के निदान हेतु टेलीमेडिसिन ओपीडी के माध्यम से स्वास्थ्य सम्बन्धी परामर्श प्रदान किया जाये।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री द्वारा हाल ही में चिकित्सालयों की इमरजेंसी व मेडिकल कालेजों के भ्रमण में पाया गया कि कई मरीज जो इमरजेंसी की श्रेणी में नहीं आते हैं और उनका उपचार स्थगित किया जा रहा है, जैसे कि हार्निया, अपेन्डिक्स, गालब्लेडर, कैटरैक्ट आदि, उन्हें लम्बित रखना ठीक नहीं है, अतः उन्हें पूरे बचाव के साथ सेमी-इमरजेंसी के रूप में चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार दिया जाये।
श्री खन्ना ने बताया कि टेलीमेडिसिन ओपीडी के माध्यम से चुने गये ऐसे मरीजों जिनका चिकित्सीय परीक्षण व सामान्य (पेशाब, रक्त व एक्सरे आदि) जाॅंच आवश्यक है, उनको एक रजिस्ट्रेशन नंबर देते हुए चिकित्सालय की सेमी-इमरजेंसी सर्विसेज में बुलाया जाएगा, क्योंकि हर मरीज व तीमारदार में कोरोना इन्फेेक्शन की सम्भावना रहती है, जिसकी पुष्टि न होने से स्वयं मरीज एवं तीमारदार के साथ-साथ चिकित्सालय में उपस्थित अन्य मरीज व चिकित्सीय दल में भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। ऐसे मरीज जिन्हें सेमी-इमरजेंसी में बुलाया जा रहा है, यदि वे अपनी कोरोना की जाॅंच कराकर निगेटिव रिपोर्ट के साथ आते हैं तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है तथा उनके परीक्षण, सामान्य जाॅंच व आवश्यकतानुसार कोई प्रोसीजर अथवा आॅपरेशन करने की स्थिति में सुगमता से उपचार करना सम्भव हो सकता है। उन्होंने कहा कि सेमी इमरजेंसी सर्विसेज प्रारम्भ होने से नान कोविड मरीजों को अपना उपचार कराने में काफी सुविधा हो जाएगी।
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करोड़ों की रकम हजम करने में जुटा सामाजिक वानिकी प्रभाग



Sanjay Saxena

लखनऊ। मंडल मुरादाबाद के जनपद बिजनौर में सामाजिक वानिकी प्रभाग भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान बनाने की ओर अग्रसर है। बंद कमरे में चहेते ठेकेदार को टेंडर देकर करोड़ों के शासकीय धन का बंदरबांट शुरू हो गया है। यह ठेकेदार सेंचुरी जोन में नगर पालिका परिषद बिजनौर का नाला बनाने के मामले में पहले से ही विवादित है।
बिजनौर जनपद में वन विभाग के दो डिवीजन हैं। एक सामाजिक वानिकी प्रभाग, बिजनौर और दूसरा बिजनौर वन प्रभाग, बिजनौर। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को हरा भरा एवं पर्यावरण को स्वच्छ रखने की अपनी महत्वाकांक्षा के चलते, प्रदेश के सीमित संसाधनों के होते हुए भी,बिजनौर सामाजिक वानिकी प्रभाग को करोड़ों का आवंटन किया है।
सूत्रों के अनुसार सामाजिक वानिकी प्रभाग, बिजनौर को 10-12 करोड़ रुपए विभागीय योजनाओं के लिए आवंटित किए हैं। इस रकम से विभिन्न विभागीय कार्य जैसे, थैली भरान, पौध उत्पादन, गड्ढा खुदाई,पौधारोपण, जमीन की जुताई, तार बाड़,पौधशालाओं की सिंचाई एवं निर्माण कार्य भी शामिल था। उसी पैसे की लूट के लिए चार वर्ष से जमे प्रभागीय निदेशक ने इस कार्य के अपने चहेते ठेकेदार को टेंडर दिए।

बंद कमरे में चहेते ठेकेदार को थमा दिया टेंडर

चर्चा तो यह भी है की उक्त कार्य के लिए किसी अखबार या ई-निविदा के माध्यम से टेंडर नहीं मांगे गए बल्कि प्रभागीय निदेशक कार्यालय में बैठकर ही अपने चहेते ठेकेदार की निविदा स्वीकृत कर दी गई। बिजनौर के सामाजिक वन प्रभाग की कण्व आश्रम पौधशाला में एक कमरे के निर्माण के लिए अपने चहेते ठेकेदार ताजिम के नाम निविदा स्वीकृत की गई। मार्च 2020 में कार्य पूर्ण दिखाकर उसका भुगतान भी करा दिया गया। आज 27 मई 2020 तक भी निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण में प्रयुक्त हो रही ईट भी दोयम दर्जे की इस्तमल की जा रही हैं। कण्व आश्रम पौधशााला में सोलर पंप भी लगाया गया है जबकि मौके पर डीजल इंजन पंपिंग सैट से सिंचाई की जा रही है। सूत्रों की मानें तो सोलर पंप सैट का भुगतान भी मार्च में कर दिया गया है, जबकि मौकेे पर कोई सोलर पंपिंग सैट नहीं लगा हुआ है।
इसी प्रकार बिजनौर पौधशाला बिजनौर- मुरादाबाद रोड पर भी सोलर पंपिंग सैट का कार्य पूर्ण दिखा, मार्च में ही धनराशि निकाल ली गई है। कण्व आश्रम पौधशाला व बिजनौर मुरादाबाद रोड पर स्थित पौधशाला में सोलर पंप के निर्माण स्वीकृत होने एवं भुगतान होने पर भी दोनों पौधशाला पर जनरेटर इंजन की मदद से पानी का दोहन कर पौधाशालाओं की सिंचाई जा रही, सोचने की बात है कि जब सोलर पंप का भुगतान ठेकेदार को हो गया, तब डीजल इंजन से सिंचाई क्यों की जा रही है। यहां प्रश्न यह भी उठता है कि इस डीजल का भुगतान किस मद से किया जा रहा है। इस सांठगांठ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसी ठेकेदार ताजिम ने नगर पालिका परिषद बिजनौर से वर्ष 2019-20 में एक नाला बिजनौर चांदपुर रोड पर बनवाया है। यह स्थल सेंचुरी अभ्यारणय इको सेंसेटिव जोन में आता है। इसमें भूमि उपयोग का मुआवजा लैंड ट्रांसफर एक्ट वन्य जीव विहार क्षेत्र के प्रावधानों के अनुसार वन विभाग में जमा होना चाहिए था, जिसकी स्वीकृति उत्तर प्रदेश शासन एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से ली जाने थी। इस प्रकार विभाग में निजी स्वार्थ साधते हुए आयकर विभाग को लाखों रुपए की क्षति पहुंचाई गई है। इस संबंध में डीएफओ एम सेम्मिरन ने कहा कि “लॉक डाउन की वजह से काम नहीं हो सका वह अगले कुछ दिनों में कार्य पूर्ण हो जाएगा”।
शेष खुलासे अनवरत जारी रहेंगे….

इमरजेंसी के मरीजों का इलाज संक्रमण से बचाव प्रक्रिया के साथ हो: सुरेश खन्ना

इमरजेंसी के मरीजों का इलाज संक्रमण से बचाव प्रक्रिया के साथ हो

लखनऊ: प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कोविड-19 के मरीजों के उपचार हेतु राजकीय मेडिकल कालेजों में समर्पित एल-2 व एल-3 कोविड केयर सेन्टर स्थापित किए गये हैं। उन्होंने कहा कि नान कोविड मरीजों के लिए मेडिकल कालेजों में जिन मरीजों को आकस्मिकता/इमरजेंसी होती है, उनमें कोविड-19 की रिपोर्ट की प्रतीक्षा किए बिना ही इलाज प्रारम्भ करने की अपरिहार्यता रहती है। ऐसे मरीजों को पाॅजिटिव मानते हुए संक्रमण से पूरे बचाव की प्रक्रिया के साथ इलाज किया जाये। उन्होंने बताया कि नान कोविड मरीज जिनमें इमरजेंसी नहीं होती है, उनके स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के निदान हेतु टेलीमेडिसिन ओपीडी के माध्यम से स्वास्थ्य सम्बन्धी परामर्श प्रदान किया जाये।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री द्वारा हाल ही में चिकित्सालयों की इमरजेंसी व मेडिकल कालेजों के भ्रमण में पाया गया कि कई मरीज जो इमरजेंसी की श्रेणी में नहीं आते हैं और उनका उपचार स्थगित किया जा रहा है, जैसे कि हार्निया, अपेन्डिक्स, गालब्लेडर, कैटरैक्ट आदि, उन्हें लम्बित रखना ठीक नहीं है, अतः उन्हें पूरे बचाव के साथ सेमी-इमरजेंसी के रूप में चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार दिया जाये।
श्री खन्ना ने बताया कि टेलीमेडिसिन ओपीडी के माध्यम से चुने गये ऐसे मरीजों जिनका चिकित्सीय परीक्षण व सामान्य (पेशाब, रक्त व एक्सरे आदि) जाॅंच आवश्यक है, उनको एक रजिस्ट्रेशन नंबर देते हुए चिकित्सालय की सेमी-इमरजेंसी सर्विसेज में बुलाया जाएगा, क्योंकि हर मरीज व तीमारदार में कोरोना इन्फेेक्शन की सम्भावना रहती है, जिसकी पुष्टि न होने से स्वयं मरीज एवं तीमारदार के साथ-साथ चिकित्सालय में उपस्थित अन्य मरीज व चिकित्सीय दल में भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। ऐसे मरीज जिन्हें सेमी-इमरजेंसी में बुलाया जा रहा है, यदि वे अपनी कोरोना की जाॅंच कराकर निगेटिव रिपोर्ट के साथ आते हैं तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है तथा उनके परीक्षण, सामान्य जाॅंच व आवश्यकतानुसार कोई प्रोसीजर अथवा आॅपरेशन करने की स्थिति में सुगमता से उपचार करना सम्भव हो सकता है। उन्होंने कहा कि सेमी इमरजेंसी सर्विसेज प्रारम्भ होने से नान कोविड मरीजों को अपना उपचार कराने में काफी सुविधा हो जाएगी।
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राशन व इलाज के लिए निराश्रितों को ₹3000: योगी

राशन व इलाज के लिए निराश्रितों को ₹3000: योगी

Sanjay Saxena
लखनऊ: प्रदेश के निराश्रित लोगों को अनाज और इलाज के लिए योगी सरकार आर्थिक सहायता मुहैया करवाएगी। जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें एक हजार रुपये की मदद दी जाएगी। बीमार निराश्रित को इलाज के लिए दो हजार रुपये मिलेंगे। वहीं, किसी निराश्रित शख्स की मौत होने की स्थिति में उसके अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रुपये दिए जाएंगे। 


सीएम योगी आदित्यनाथ ने टीम-11 की बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि किसी के घर में क्वारंटीन होने की जगह नहीं है तो उसके लिए इंस्टिट्यूशनल क्वारंटीन की व्यवस्था की जाए। निगरानी समितियां यह सुनिश्चित करें कि बाहर से आए श्रमिकों को गांव में बने क्वारंटीन सेंटर में ही रखा जाए।
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कोरोना और सामान्य फ्लू के लक्षण में मामूली फर्क


पल्स आक्सीमीटर जांच में कारगर

लखनऊ: कोरोना के इस काल में खांसी और बुखार आते ही लोग दहशत में आ जा रहे हैं। इसकी वजह कोरोनायरस और सामान्य फ्लू के लक्षणों का आपस में मिलना है। प्रदेश सरकार के हेल्पलाइन नंबर पर रोजाना आ रही सैकड़ों काल इसकी तस्दीक करती हैं।
सवाल यह है कि दोनों में फर्क कैसे किया जाए। क्या खांसी और बुखार आते ही आपको कोरोना की जांच करानी चाहिए? माइक्रोबायोलाजिस्ट डॉ. टी.एन.ढोल के मुताबिक दोनों में काफी बारीक फर्क है। शुरूआती लक्षण काफी-कुछ मिलते-जुलते हैं, लेकिन पहचान करना संभव है। डॉ. ढोल एसजीपीजीआई में सीनियर माइक्रोबायोलाजिस्ट रहे हैं। इस वक्त हिन्द इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस में माइक्रोबायोलाजी विभाग के हेड हैं।
डॉ. ढोल के मुताबिक बुखार के साथ अगर सांस लेने में तकलीफ और सूखी खांसी है तो सावधान हो जाना चाहिए। इसके अलावा अगर खांसी के साथ गले में खराश हो रही है तो व्यक्ति फौरन डॉक्टर से संपर्क करे। डाक्टर कोरोना टेस्ट कराएगा और जरूरी दवाएं देगा जिससे पकड़ में आ जाएगा कि मरीज कोरोना से संक्रमित तो नहीं।
डॉ. ढोल ने कहा कि कोरोना में खून में आक्सीजन की कमी (40 से 50 प्रतिशत) हो जाती है। यह भी एक लक्षण है कोरोनावायरस को पहचाने का। उन्होंने कहा कि इसकी जांच पल्स आक्सीमीटर नाम की मशीन से किया जा सकता है। इस मशीन को हाथ की किसी उंगली में लगाने पर आक्सीजन लेवल पता चल जाता है जिससे तुरंत कोरोना के बारे में पता चल सकता है।
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कोरोना स्पेशल ट्रेन टिकट ब्लैक में बेचते गिरफ्तार

कोरोना स्पेशल ट्रेन टिकट ब्लैक में बेचते गिरफ्तार

Sanjay Saxena

बिजनौर। रेलवे के आरक्षित ई-टिकटों की कालाबाजारी करते एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। नूरपुर में साइबर कैफे चलाने वाले उक्त आरोपी युवक ने पूछताछ में कबूला है कि कोरोना स्पेशल ट्रेनों के ई-टिकट डेढ़ से दो सौ रुपए ब्लैक में बेचता है।
जानकारी के अनुसार रेलवे के आरक्षित ई-टिकटों की कालाबजारी के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उप निरीक्षक विकल चौधरी हमराह स्टाफ आरपीएफ ने मुखबिर की सूचना पर कस्बा नूरपुर में आइडियल साइबर कैफे, निकट शिव मन्दिर चौक पर छापा मारा। इस दौरान दुकान संचालक के पास से कोरोना स्पेशल ट्रेन के आरक्षित ई-टिकट बरामद हुए। दुकान संचालक ने 150-200 रुपए रेलवे टिकट के किराए से अतिरिक्त लेकर बेचना स्वीकार किया। इस पर उसको हिरासत में ले लिया गया। उसका नाम मोहम्मद कासिफ शेख पुत्र अब्दुल गफूर निवासी मोहल्ला शहीद नगर नूरपुर बताया गया है। उसके विरुद्ध रेलवे सुरक्षा बल आऊट पोस्ट धामपुर पर मुकदमा कायम किया गया है। मौके से संबंधित कम्प्यूटर मानीटर, सीपीयू, प्रिन्टर, माउस, की-बोर्ड आदि कब्जे में ले लिया गया है। यह पता लगाया जा रहा है कि अब तक उसने कितने टिकट की कालाबाजारी की और इस काम में उसके सहयोगी कौन हैं।
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मंडावली में कोरोना संक्रमित संख्या सात पर पहुंची

मंडावली में कोरोना संक्रमित संख्या सात पर पहुंची

Sanjay Saxena

28 मई 2020
बिजनौर। तहसील नजीबाबाद के मंडावली क्षेत्र में कोरोना पाजिटिव मरीजों की संख्या सात पहुंच गई है। क्षेत्र में दो और संक्रमित मिले हैं।

पिछले दिनों मंडावली में स्थानीय चार व अपनी ननिहाल में रह रहे मंडावर के एक व्यक्ति की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पायी गयी थी। चारों को उपचार के लिए भेजने के साथ ही उनके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया। ईद से एक दिन पूर्व प्रशासन ने ग्राम मंडावली को हॉट स्पॉट स्पाट घोषित कर दिया। गांव के सभी मार्गों को सील कर आवागमन रोक दिया गया था। उक्त चारों के बाद मिला एक पॉजिटिव मरीज बुधवार को प्रशासन ने उपचार के लिए भिजवाया। वहीं गुरुवार को भाई बहन पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपचार के लिए मुरादाबाद भिजवा दिया है।
लगातार कोरोना के मरीज मिलने से मंडावली तहसील क्षेत्र का सबसे बड़ा हाटस्पाट बनकर उभरा है।
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मुरादाबाद में पांच और कोरोना पॉजिटिव

मुरादाबाद में पांच और कोरोना पॉजिटिव
Sanjay Saxena
27 मई 2020
लखनऊ। पैथलैब से बुधवार को मिली रिपोर्ट में मुरादाबाद के पांच लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसमें दो महिलाएं बाहर से आई थीं और दो कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने की वजह से संक्रमण की चपेट में आई।
सीएमओ डॉक्टर एमसी गर्ग ने बताया कि पांच लोगों के कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट मिली है। इनमें एक व्यक्ति की सोमवार को मौत हो चुकी है। मुहल्ला बारादरी की बाहर से आई दो महिलाएं कोरोना संक्रमित मिलने से मुहल्ला बारादरी नया हॉटस्पॉट बन गया है। इनके परिजनों के भी नमूने लिए जाएंगे। दौलतबाग में मरे कोरोना संक्रमित के परिवार के भी छह लोगों के नमूने लिए जाएंगे। कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या मुरादाबाद में अब 10 हो गई है।
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