बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में ट्रैफिक शुरू


24 लिंक मोटर मार्ग अभी भी अवरूद्ध

गोपेश्वर (चमोली)। भूस्खलन से बाधित बदरीनाथ हाईवे को लामबगड़ में आवागमन के लिये खोल दिया गया है।
चमोली जिले में मंगलवार की रात्रि भारी वर्षा के कारण बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में भूस्खलन जोन में पहाड़ी से मलबा आने के कारण बाधित हो गया था। बुधवार दोपहर एक बजे के आसपास खोल दिया गया है। वहीं जिले में अवरुद्ध 64 से अधिक लिंक मोटर मार्ग में से 40 सड़कों को खोल दिया गया है। दूसरी ओर 24 बंद सड़कें खोलने के लिये लोनिवि के मजदूर व मशीनें लगी हुई हैं।
आपदा परिचालन केंद्र चमोली से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात्रि से बुधवार सुबह तक हुई भारी वर्षा के कारण बदरीनाथ हाईवे समेत अनेक लिंक मोटर मार्ग अवरूद्ध हो गये थे। कारण यातायात बाधित हो गया था। बदरीनाथ हाई-वे को खोल दिया गया है।
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तीन महीने की फीस माफी को निकाला कैंडिल मार्च


कोरोना वैक्सीन जब तक न आए, तब तक न खुले स्कूल

उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को ठहराया विवेकहीन

सीएमएस प्रमुख जगदीश गांधी को अंतरर्राष्ट्रीय शिक्षा माफिया की उपाधि

लखनऊ। संस्था ‘एक आवाज़ एक मिशन’ के संयोजक राकेश तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों अभिवावकों ने फीस माफ़ न होने के विरोध में लखनऊ के एलडीए, आशियाना व कृष्णानगर क्षेत्र में कैंडल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। संस्था के संयोजक राकेश तिवारी का कहना है कि कुछ राज्यों में फीस माफ़ की गई है और उत्तर प्रदेश के भी सैकड़ों विद्यालयों ने 3 महीने की फीस माफ़ कर दी है पर कुछ विद्यालय जैसे सीएमएस, विश्वनाथ अकादमी, स्प्रिंग डेल, लखनऊ पब्लिक स्कूल, नेशनल पब्लिक, स्टेला मैरी जैसे विद्यालय फीस न माफ़ करने पर अड़े हुए हैं। कहीं न कहीं इन सभी विद्यालयों के प्रबंधन शिक्षा माफिया के रूप में स्थापित हैं, जिनका कनेक्शन सरकार में बैठे बड़े-बड़े मंत्रियों से है, जिनकी पार्टियों को चुनाव के लिए यह विद्यालय प्रबंधन फंडिंग करते हैं।
संयोजक तिवारी ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण लगे लाक डाउन ने लोगों की अर्थव्यवस्था पर गहरा आघात किया है, जिससे मध्यम व निम्न वर्ग के लोग अपने मूल दैनिक खर्चों को ही नहीं संभाल पा रहे हैं फीस कहां से भरें। इस सम्बन्ध में मुख़्यमंत्री योगी और उपमुख्यमंत्री शर्मा की बातों में भी विरोधाभास लग रहा है। जहां सीएम योगी ने फीस देने के लिए अभिवावकों पर दबाव न डालने के लिए बोला है, वहीं उपमुख्यमंत्री शर्मा इन शिक्षा माफियाओं के रूप में स्थापित विद्यालयों की मदद कर रहे हैं और विवेकहीन हो चुके हैं। ‘एक आवाज़ एक मिशन” की लड़ाई सिर्फ लखनऊ की नहीं, लड़ाई पूरे उत्तर प्रदेश की है। मिशन ‘नो स्कूल नो फीस’ के लिए लड़ रहा है और यह लड़ाई जारी रहेगी।
साथ ही राकेश तिवारी ने बोला कि जब तक कोरोना वैक्सीन नहीं आ जाती है तब तक स्कूल नहीं खुलना चाहिए क्यूंकि बच्चों की
सुरक्षा सर्वोपरि है। सरकार जनप्रतिनिधियों के सदन जैसे विधानसभा, विधान परिषद, संसद, राज्य सभा, नगर पालिका और जिला पंचायत खोले पर स्कूल नहीं खुलना चाहिए। विद्यालय पैसे ऐंठने के लिए ऑनलाइन पढाई का ढोंग कर रहे हैं, जिनकी फीस नहीं आ रही है उन्हें ऑनलाइन पढाई से रोका जा रहा है। जिन लोगों के घर में मल्टीमीडिया मोबाईल नहीं है उन घरों के बच्चे पढाई कैसे करें, विद्यालय अभिवावकों को बच्चों के हिसाब से उतने मल्टीमीडिया फ़ोन का इंतज़ाम कर दे हम फीस देने को तैयार हैं।
सीएमएस का गेट नम्बर 1 बंद 7 खोला
संयोजक तिवारी के अनुसार सीएमएस प्रमुख जगदीश गांधी अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा माफिया हैं। सूत्रों के अनुसार सीएमएस के कई कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव भी पाए गए हैं। जब क्षेत्र को पॉजिटिव जोन घोषित किया गया तो सीएमएस गेट नंबर 1 को बैरिकेटिंग कर बंद कर दिया गया और वहीं 7 नंबर गेट से कर्मचारियों को अंदर बुलाया जा रहा है अगर किसी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना हो गई तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। सीएमएस के साथ विश्वनाथ अकादमी, स्प्रिंग डेल, लखनऊ पब्लिक स्कूल, नेशनल पब्लिक, स्टेला मैरी भी इसी लिस्ट में शामिल हैं।
संयोजक तिवारी ने कहा अगर यह लोग नहीं सम्भले तो इनके खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोला जाएगा। अब यह लड़ाई लखनऊ की नहीं, लड़ाई पूरे उत्तर प्रदेश की है।
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उन्नाव पत्रकार हत्याकांड के आरोपी गिरफ्तार

पत्रकार हत्याकांड में मुख्य आरोपी समेत छह गिरफ्तार

(उन्नव से डॉ अंशुमान)

लखनऊ। दिनदहाड़े पत्रकार की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी दिव्या अवस्थी सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया।
10000 के इनामी मुख्य आरोपी दिव्या अवस्थी को पुलिस ने घटना के 11 वें दिन गिरफ्तार किया।
उन्नाव के शुक्लागंज थाने के सहजनी चौराहे पर 19 जून को पत्रकार शुभम मणि त्रिपाठी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में एएसपी ईस्ट वीके पांडे ने किया खुलासा। घटना में प्रयोग की गई दो बाइक एक कार व तीन तमंचा भी बरामद किए गए।

इस मामले में 10 लोगों को नामजद किया गया था पुलिस ने एक आरोपी को पहले ही पकड़ लिया था, जिसने शूटरों द्वारा चार लाख की सुपारी देकर हत्या कराए जाने की बात पुलिस को बताई थी। तभी से पुलिस मुख्य आरोपियों पर इनाम घोषित कर उन्हें पकड़ने के प्रयास कर रही थी। इनामी अपराधी दिव्या अवस्थी व कन्हैया अवस्थी सहित छह आरोपियों के पकड़े जाने से पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
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समाचार सौजन्य से धारा आईटीआई-

टिक टॉक का केस लड़ने से रोहतगी का इंकार Sanjay Saxena…

टिक टॉक का केस लड़ने से रोहतगी का इंकार Sanjay Saxena नई दिल्ली। देश के पूर्व अटॉर्नी जनरल व सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने चाइनीज ऐप टिकटॉक का भारत सरकार के खिलाफ केस लड़ने से मना कर दिया है। टिकटॉक पर लगे केन्द्र सरकार के बैन के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर […]

टिक टॉक का केस लड़ने से रोहतगी का इंकार Sanjay Saxena…
समाचार सौजन्य से धारा आईटीआई

टिक टॉक का केस लड़ने से रोहतगी का इंकार

Sanjay Saxena


नई दिल्ली। देश के पूर्व अटॉर्नी जनरल व सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने चाइनीज ऐप टिकटॉक का भारत सरकार के खिलाफ केस लड़ने से मना कर दिया है। टिकटॉक पर लगे केन्द्र सरकार के बैन के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए टिकटॉक ने एडवोकेट मुकल रोहतगी से संपर्क किया है। उन्होंने स्वयं यह जानकारी दी।
भारत चीन सीमा पर भारतीय सैनिकों की शहादत के मद्देनज़र देश में चीन की चीजों व बिज़नेस डील के बहिष्कार की भारतीय जनता की मांग को देखते हुए एडवोकेट रोहतगी ने यह कदम उठाया है।

Information Technology Act के तहत लगी पाबंदी

चीन के खिलाफ भारत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 59 चीनी ऐप्स पर बैन लगा दिया है। इसमें TikTok और हेलो भी शामिल हैं। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए (Section 69A of the Information Technology Act) के तहत इन पर पाबंदी लगाई। मंत्रालय के नोटिस में बताया गया कि ये 59 चीनी ऐप्स उन गतिविधियों में लगे हुए थे, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता,भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हैं।

पहले भी लगते रहे आरोप
चीनी ऐप्स पर भारतीयों के डेटा चुराने और इसे चीनी सर्वर पर भेजने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। मंत्रालय का कहना है कि बीते कुछ दिनों में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं,जिनमें कहा गया है कि एंड्रॉइड और iOS पर उपलब्ध ये चीनी ऐप्स बिना यूजर्स की जानकारी के उनका डेटा चुराते और मिसयूज करते हैं। साथ ही यूजर्स के डेटा को अनधिकृत तरीके से उन सर्वरों पर भेज रहे हैं, जो भारत के बाहर स्थित हैं।
मंत्रालय का कहना है कि 130 करोड़ भारतीयों के डेटा पर खतरा मंडरा रहा था, जो कि गंभीर चिंता का विषय है। नोटिस में बताया गया है कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र और गृह मंत्रालय ने भी इन ऐप्स को बैन करने की सिफारिश भेजी है। इसके अलावा देश के नागरिकों और जन प्रतिनिधियों से भी इन ऐप्स के खिलाफ शिकायत मिली है।
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करोड़ों की रकम हजम करने में जुटा सामाजिक वानिकी प्रभाग

Sanjay Saxena

लखनऊ। मंडल मुरादाबाद के जनपद बिजनौर में सामाजिक वानिकी प्रभाग भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान बनाने की ओर अग्रसर है। बंद कमरे में चहेते ठेकेदार को टेंडर देकर करोड़ों के शासकीय धन का बंदरबांट शुरू हो गया है। यह ठेकेदार सेंचुरी जोन में नगर पालिका परिषद बिजनौर का नाला बनाने के मामले में पहले […]

करोड़ों की रकम हजम करने में जुटा सामाजिक वानिकी प्रभाग