पर्यटन को नई ऊंचाई: ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा का शुभारंभ

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दिखाई हरी झंडी 07 जनवरी से आमजन और पर्यटकों के लिए होगी नियमित सेवा पर्यटन को नई ऊंचाई: ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा का शुभारंभ ~ शैली सक्सेना लखनऊ, (06 जनवरी 2026)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पर्यटन परिदृश्य में मंगलवार को एक ऐतिहासिक पहल […]

पर्यटन को नई ऊंचाई: ‘लखनऊ दर्शन’ इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस सेवा का शुभारंभ

गर्मियों में बीमारियां रखनी हैं दूर तो रोजाना की डाइट में शामिल करें …

इसके सेवन से मिलेंगे कई चमत्कारी फायदे

गर्मियों में बीमारियां रखनी हैं दूर तो रोजाना की डाइट में शामिल करें …

दही में पाए जाने वाले अच्छे बैक्टीरिया हमारे पेट की सेहत के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। ~प्रोफेसर माखन लाल, प्राचार्य और डीन, राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय लखनऊ।

लखनऊ। गर्मी के मौसम में अक्सर हमें अपनी डाइट को लेकर विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। इस दौरान हमारी पसंद की खाने की चीजें वे होती हैं, जो न केवल पोषण से भरपूर हों बल्कि तासीर में ठंडी भी हों। ऐसा करने से शरीर को गर्मी से राहत मिलती है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी कम होती हैं। इस मौसम में एक बेहतरीन विकल्प है दही, क्योंकि यह ठंडक प्रदान करने के साथ-साथ विभिन्न पोषक तत्वों का भंडार भी है। दही में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी-6 और आवश्यक खनिज जैसे कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, जिंक, कॉपर और सेलेनियम पाए जाते हैं। एक्सपर्ट से जानिए, कि गर्मियों में दही का सेवन करने से आपके स्वास्थ्य को क्या-क्या फायदे हो सकते हैं?

लखनऊ राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य और डीन, प्रोफेसर माखन लाल का कहना है कि दही खाने के कई फायदे हैं। दही में पाए जाने वाले अच्छे बैक्टीरिया हमारे पेट की सेहत के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। ये बैक्टीरिया हमारे पाचन को बेहतर बनाते हैं और पेट में होने वाले संक्रमण और दस्त जैसी समस्याओं से बचाव करते हैं। इसके साथ ही दही हमारे शरीर के चयापचय को भी तेज करता है और पेट साफ रखने में मदद करता है। पेट की सेहत के लिए भी बहुत अच्छा दही का रोजाना सेवन करने से हमारा पाचन तंत्र ठीक तरह से काम करता है। इससे हमारी पाचन प्रक्रिया सुधरती है और हमारे पेट की समस्याएं कम होती हैं। गर्मियों में रोज एक कटोरी दही खाना न सिर्फ आपको तरोताजा और ठंडा रखेगा, बल्कि आपके पेट की सेहत के लिए भी बहुत अच्छा है। दही के ये गुण आपके रोजमर्रा के जीवन में स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं।

सावधान: यूपी में बदल रहा मौसम का मिजाज, आज से 4 दिन तक बारिश का अलर्ट – बढ़ने वाली है ठंड

मौसम विभाग ने जारी किया 02 दिसंबर तक बारिश का अलर्ट

यूपी में अलग-अलग स्थान पर पड़ सकती है बारिश और गरज के साथ बौछारें

सावधान: यूपी में बदल रहा मौसम का मिजाज, आज से 4 दिन तक बारिश का अलर्ट – बढ़ने वाली है ठंड

नई दिल्ली/लखनऊ (एजेंसी)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत का मौसम बदल गया है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी देखी जा रही है। अब उत्तर प्रदेश में भी मौसम अपना मिजाज तेजी से बदल रहा है। ठंडी हवाओं से पारा लगातार गिरता जा रहा है। दिसंबर की शुरुआत के साथ ही पारा और नीचे जाएगा।

मौसम विभाग ने 02 दिसंबर तक बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि सोमवार को दिन का तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। कानपुर का न्यूनतम तापमान सबसे कम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम था। कानपुर में मंगलवार को पूरे दिन बादल छाए रहे। जैसे-जैसे दिसंबर नजदीक आएगा वैसे-वैसे ठंडक बढ़ती जाएगी। आने वाले दिनों को लेकर मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है।

03 दिसंबर से पड़ेगा कोहरा

30 नवंबर को एक बार फिर यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग की माने तो 30 नवंबर को पूर्वी यूपी में अलग-अलग स्थान पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। बारिश के साथ ही राज्य में कड़ाके की ठंड देखने को मिल सकती है। वहीं बुधवार से आने वाले 4 दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। उसके बाद 3 दिसंबर से कोहरा पड़ेगा।

2-3 डिग्री की गिरावट बढ़ाएगी सर्दी

आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण प्रदेश का मौसम बदल गया है। मध्य विक्षोभ मंडल में अरब सागर तक एक ट्रफ के रूप में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसके कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने के आसार हैं। हालांकि ऐसा अनुमान है कि रात का पारा दो डिग्री तक बढ़ सकता है। वहीं इस पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर हो कर आगे बढ़ने के कारण आगे बढ़ने और बादल के छंटने के कारण मौसम शुष्क होगा और पछुआ हवा चलने के आसार हैं। इसके कारण रात के पारे में भी दो से तीन डिग्री तक गिरावट आ सकती है।

लखनऊ। यूपी में गुरुवार सुबह मौसम ने तेजी से करवट ली। कई जिलों में सुबह से शुरू हुई बारिश ने ठंड में इजाफा कर दिया। बारिश से गेहूं व आलू की बोआई प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिन तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। बारिश के कारण पारा गिरने से ठंड तेजी से बढ़ेगी। प्रदेश के कई इलाकों में दिन में धूप भी नजर आएगी। वहीं मेरठ, पीलीभीत, बहराइच, मुजफ्फरनगर सहित कुछ जिलों में सुबह से ही कोहरा नजर आया। पश्चिमी यूपी में एक दो स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसी तरह पूर्वी यूपी में भी कई जगहों पर बारिश और गरज के साथ बौछार पड़ सकती है। मौसम विभाग की माने तो दिसंबर को पश्चिमी यूपी के साथ-साथ पूर्वी यूपी में भी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि 02 दिसंबर को पश्चिमी यूपी में मौसम शुष्क रह सकता है और पूर्वी यूपी में एक दो स्थान पर बारिश व गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।

डेंगू बुखार: लक्षण, कारण, निदान, उपचार और रोकथाम

डेंगू बुखार: लक्षण, कारण, निदान, उपचार और रोकथाम डेंगू बुखार (Dengue fever) हमेशा से ही ध्यान खींचने वाला मामला रहा है। एक प्रसिद्ध कहावत है जो कहती है कि “यदि आप मानते हैं कि प्रभाव डालने के लिए आप बहुत छोटे हैं, तो आपने मच्छरों के साथ रात नहीं बिताई है।” इसलिए, अपनी सेहत को […]

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करवा चौथ व्रत पूजन विधि, कथा एवं आरती

करवा चौथ व्रत पूजन विधि, कथा एवं आरती

By Shalie Saxena, Lucknow | 11am IST | 31 October 2023

उत्तर प्रदेश में करवा चौथ व्रत 2023 का शुभ मुहूर्त सुबह 6:36 से रात 8:26 बजे तक है। करवा चौथ की पूजा शाम 5:36 मिनट से शाम 6:54 मिनट तक है और चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 5 मिनट दिन बुधवार 1 नवंबर 2023 है।

हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाले करवा चौथ के व्रत में सुहागन अपने पति की लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य के लिए कठोर निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत प्रातः सूर्योदय से प्रारंभ होता है, जो रात में चंद्रमा पूजन के बाद पति के हाथों से खुलता है। इस बीच महिलाएं किसी भी प्रकार का जल, अन्न, फल ग्रहण नहीं करतीं।

करवा चौथ व्रत
करवा चौथ के व्रत की शुरुआत सास के हाथ से सरगी लेकर की जाती है, जिसके बाद प्रातः ही स्नान-ध्यान के पश्चात व्रत का संकल्प लिया जाता है। पूरा दिन निर्जला व्रत रहें। इस बीच संपूर्ण पूजन सामग्री इकट्ठा कर लें। गाय के गोबर या मिट्टी से गौर गणेश बना लें, जिसके बाद माता गौरी का आह्वान करें। उन्हें सुहाग का संपूर्ण श्रृंगार चढ़ाएं। करवा में गेहूं और उसके ढक्कन में चीनी का बूरा रखें। रोली से करवा पर स्वास्तिक बनाएं। शाम के समय गौरी और गणेश की पूजा करें और कथा सुनें। रात्रि में चंद्रमा को देख पति से आशीर्वाद लें और व्रत का पारण करें।

व्रत और पारण का भोग
करवा चौथ के भोग और व्रत के पारण के लिए अपनी सुविधा अनुसार भोग बनाया जा सकता है, जैसे पूड़ी, हलवा, चूरमा, दाल, कढ़ी, खीर सब्जी इत्यादि। इन भोगों में लहसुन-प्याज का प्रयोग नहीं किया जाता। इस व्रत में 56 प्रकार का भोग भी लगाया जा सकता है।

व्रत का मुहूर्त

उत्तर प्रदेश में करवा चौथ व्रत 2023 का शुभ मुहूर्त सुबह 6:36 से रात 8:26 बजे तक है। करवा चौथ की पूजा शाम 5:36 मिनट से शाम 6:54 मिनट तक है और चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 5 मिनट दिन बुधवार 1 नवंबर 2023 है

कलश और थाली का प्रतीकात्मक महत्व
करवाचौथ की पूजा में मिट्टी या तांबे के कलश से चन्द्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है। पुराणों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कलश में ब्रह्मा, विष्णु, महेश, सभी नदी, सागर, सरोवर एवं ३३ कोटि देवी-देवता विराजते हैं। पूजा की थाली में रोली, चावल, दीपक, फल, फूल, बताशा, सुहाग का सामान और जल से भरा कलश रखा जाता है। करवा के ऊपर मिटटी के बड़े दीपक में जौ या गेहूं रखे जाते हैं। जौ समृद्धि, शांति, उन्नति और खुशहाली का प्रतीक होते हैं।

महत्वपूर्ण हैं सींक
करवा चौथ व्रत की पूजा में सींक मां करवा की शक्ति का प्रतीक है। पौराणिक कथा के अनुसार मां करवा के पति का पैर मगरमच्छ ने पकड़ लिया था। तब वह कच्चे धागे से मगर को बांध कर यमराज के पास पहुंच गईं। वे उस समय भगवान चित्रगुप्त के खाते देख रहे थे। करवा ने सात सींक लेकर उन्हें झाड़ना शुरू किया। इस कारण खाते आकाश में उड़ने लगे। करवा ने यमराज से अपने पति की रक्षा करने की प्रार्थना की, तब उन्होंने मगरमच्छ का वध कर करवा के पति की जान बचाई और उन्हें लंबी उम्र का वरदान दिया। एक अन्य कथा के अनुसार करवा ने मगरमच्छ को सूती धागे से बांध दिया और यम (मृत्यु के देवता) से मगरमच्छ को नरक भेजने के लिए कहा। यम ने मना कर दिया। इस पर करवा ने यम को शाप देने और उसे नष्ट करने की धमकी दी। पतिव्रता (समर्पित) पत्नी द्वारा श्राप दिए जाने के डर से यम ने मगरमच्छ को नरक भेज दिया और करवा के पति को लंबी उम्र का आशीर्वाद दिया।

करवा चौथ व्रत कथा:

साहूकार के सात लड़के, एक लड़की की कहानी

करवा चौथ की पौराणिक व्रत कथा
श्री गणेशाय नमः !

एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सेठानी सहित उसकी सातों बहुओं और उसकी बेटी ने भी करवा चौथ का व्रत रखा। रात्रि के समय जब साहूकार के सभी लड़के भोजन करने बैठे तो उन्होंने अपनी बहन से भी भोजन कर लेने को कहा। इस पर बहन ने कहा- भाई, अभी चांद नहीं निकला है। चांद के निकलने पर उसे अर्घ्य देकर ही मैं आज भोजन करूंगी। साहूकार के बेटे अपनी बहन से बहुत प्रेम करते थे, उन्हें अपनी बहन का भूख से व्याकुल चेहरा देख बेहद दु:ख हुआ। साहूकार के बेटे नगर के बाहर चले गए और वहां एक पेड़ पर चढ़ कर अग्नि जला दी। घर वापस आकर उन्होंने अपनी बहन से कहा- देखो बहन, चांद निकल आया है। अब तुम उन्हें अर्घ्य देकर भोजन ग्रहण करो। साहूकार की बेटी ने अपनी भाभियों से कहा- देखो, चांद निकल आया है, तुम लोग भी अर्घ्य देकर भोजन कर लो। ननद की बात सुनकर भाभियों ने कहा- बहन अभी चांद नहीं निकला है, तुम्हारे भाई धोखे से अग्नि जलाकर उसके प्रकाश को चांद के रूप में तुम्हें दिखा रहे हैं।

साहूकार की बेटी अपनी भाभियों की बात को अनसुनी करते हुए भाइयों द्वारा दिखाए गए चांद को अर्घ्य देकर भोजन कर लिया। इस प्रकार करवा चौथ का व्रत भंग करने के कारण विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश साहूकार की लड़की पर अप्रसन्न हो गए। इस कारण उस लड़की का पति बीमार पड़ गया और घर में बचा हुआ सारा धन उसकी बीमारी में लग गया। साहूकार की बेटी को जब अपने किए हुए दोषों का पता लगा तो उसे बहुत पश्चाताप हुआ। उसने गणेश जी से क्षमा प्रार्थना की और फिर से विधि-विधान पूर्वक चतुर्थी का व्रत शुरू कर दिया। उसने उपस्थित सभी लोगों का श्रद्धानुसार आदर किया और तदुपरांत उनसे आशीर्वाद ग्रहण किया।

इस प्रकार उस लड़की के श्रद्धा-भक्ति को देखकर एकदंत भगवान गणेश जी उसपर प्रसन्न हो गए और उसके पति को जीवनदान प्रदान किया। उसे सभी प्रकार के रोगों से मुक्त करके धन, संपत्ति और वैभव से युक्त कर दिया।
करवा चौथ माता की जय !

करवा माता की आरती

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया.. ओम जय करवा मैया।

सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।
यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी.. ओम जय करवा मैया।

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती। दीर्घायु पति होवे, दुख सारे हरती.. ओम जय करवा मैया।

होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे। गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे.. ओम जय करवा मैया।

करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे। व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे.. ओम जय करवा मैया।

त्वचा को लंबे समय तक जवां बनाए रखने के लिए खाएं ये फूड्स

~Reverse Aging के लिए खाने में शामिल करें ये Foods
~त्वचा को लंबे समय तक जवां बनाए रखने के लिए खाएं ये फूड्स; झुर्रियां नहीं आती नजर; सेहत भी रहती है दुरुस्त

त्वचा सेहत का आईना होती है। स्वस्थ, सुंदर और ग्लोइंग स्किन पाने के लिए हम अपने चेहरे पर कई तरह की चीजें लगाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चमकदार स्किन के लिए सिर्फ चेहरे पर लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि हमें अपने खाने में भी कुछ सुपरफूड शामिल करने चाहिए, जिसे खाने पर त्वचा लंबे समय तक जवां बनी रहती है। साथ ही आपके चेहरे पर झुर्रियां नजर नहीं आती है और आपकी सेहत भी  दुरुस्त रहती है।

एजिंग को कर सकते हैं रिवर्स~

कुछ फूड्स एंटी एजिंग गुणों से भरपूर होते हैं और एजिंग की प्रक्रिया को रोकें या ना रोकें लेकिन धीमा जरूर कर देते हैं। इन फूड्स को आप भी अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। इन चीजों को सेवन चेहरे पर उम्र की लकीरें आने से तो रोकेगा और एजिंग की प्रक्रिया को रिवर्स करेगा, जिससे आप अपनी उम्र से कम नजर आने लगेंगे।

जवां बनाने वाले फूड्स की लिस्ट…..

पपीता~

पपीता कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और खनिज से भरपूर है, जो त्वचा को झुर्रियों को दूर करने और महीन रेखाओं को हटाने में मदद करता है। पपीता में विटामिन ए, सी, के और ई पाया जाता है। यह स्किन की लचकता बढ़ाने में असर दिखाता है। 


ब्लूबेरीज~

ब्लूबेरीज विटामिन सी, फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं। ब्लूबेरीज खाने पर सेहत दुरुस्त होती है, दिल की सेहत अच्छी रहती है और कई रोग दूर रहते हैं। ब्लूबेरीज में पाए जाने वाला विटामिन सी एजिंग-ऑक्सीडेशन से लड़ता है और त्वचा की सेहत को बेहतर करने में असरदार है। 


शकरकंदी~

शकरकंद में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है। इसके सेवन से स्किन की झु्र्रियों को कम करने में सहायता मिलती है। शकरकंद से सेवन से त्वचा मुलायम और जवां दिखती है। इसमें विटामनिन सी और ई की भरपूर मात्रा में पाया जाता है। शकरकंद को आप चाट, नाश्ते में उबालकर या फेसपैक बनाकर भी प्रयोग कर सकते हैं।


पालक~

पालक शरीर को हाइड्रेट करने वाली हरी पत्तेदार सब्जी है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इससे शरीर को विटामिन ए, सी, ई और के मिलता है। यह आयरन, मैग्नीशियम और लुटेन का भी अच्छा स्त्रोत है। पत्तेदार पालक आपकी स्किन को हाइड्रेट रखने के साथ कोलेजन के उत्पादन में भी मदद करता है, जिससे स्किन बेदाग नजर आती है। आप पालक की सलाद, जूस, सूप और सब्जी का सेवन कर सकते हैं। 


ब्रोकली~

ब्रोकली एंटी-एजिंग से भरपूर एक खाद्य पदार्थ है। इसके सेवन से त्वचा में खिंचाव और लचीलापन आता है। इसमें विटामिन सी, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण, एंटी-एजिंग गुण और फाइबर, कैल्शियम और विटामिन के भी पाया जाता है। ब्रोकली को आप सलाद या सब्जी के रूप में खा सकते हैं।


टमाटर~

हेल्दी और खूबसूरत त्वचा पाने के लिए टमाटर खा सकते हैं। रोज एक टमाटर खाने से शरीर को विटामिन ए, विटामिन सी और पोटैशियम अच्छी मात्रा में मिलेगा। ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में टमाटर जरूर शामिल करें।

तुलसी मुरझा गई है तो काम आएंगी ये टिप्स, कुछ ही दिनों में खिल उठेगा पौधा

तुलसी अगर मुरझा गई है तो करें ये काम, कुछ ही दिनों में खिल उठेगा पौधा

तुलसी का पौधा लगाने से घर में सुख-शांति आती है. तुलसी के पत्ते किसी औषधी से कम नहीं है. इसलिए हर घर में आपको चाहे कोई पौधा न दिखे पर आपको तुलसी का पेड़ जरूर देखने को मिल जाएगा. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि तुलसी के पौधे का अगर सही से ख्याल न रखा जाए तो ये सूख जाते हैं. ऐसे में आज हम आपके साथ कुछ ऐसी टिप्स शेयर करने वाले हैं, जिसको अपनाने से आपके सूखे हुए पौधे में फिर खिल उठेंगे.

अगर तुलसी सूख रही है तो करें ये काम:
अगर आपके घर में तुलसी का पौधा सूख रहा है तो उसके लिए आप मिट्टी में नीम की पत्तियों का पाउडर डाल सकते हैं. आप देखेंगे कि इसके कुछ दिनों के बाद ही तुलसी का पौधा फिर से खिल जाएगा. कई बार ऐसा होता है कि नमी के कारण भी पौधा सूख जाता है तो इसके लिए आप मिट्टी को 15 से 20 सेंटीमीटर तक खोदें और मिट्टी के साथ बालू भी डालें. ऐसा करने से पौधे हरे भरे रहेंगे.

इस तरह के पॉट में लगाएं तुलसी:
आप हमेशा एक ऐसे पॉट में तुलसी लगाएं जो थोड़ा गहरा और चौड़ा हो. इसके बाद पॉट में दो छेद करें और उस छेद को एक कागज से ढक दें. आप खाद की तरह गाय का गोबर भी यूज कर सकते हैं. आप जब भी गाय का गोबर मिट्टी में डालें तो इस बात का ध्यान रखें कि आप गोबर को कभी भी गीला यूज न करें. आप गोबर को पाउडर बना लें और उसके बाद डालें.

इन बातों का भी रखें ध्यान:
तुलसी के पेड़ के छटाई करते रहें. इसका मतलब है कि जो पत्तियां सूख जाती हैं उसे तोड़ कर अलग कर दें. तुलसी के पेड़ को आप सर्दियों में 5 से 6 दिन बाद पानी दें. बारिश में आपको तुलसी को पानी देने की जरूरत नहीं है.

गर्मियों में घरेलू उपाय से ऐसे करें चेहरे की देखभाल

गर्मियों में चेहरे की देखभाल को अपनाएं ये घरेलू उपाय 

skin care

गर्मी के मौसम में टैनिंग और सनबर्न से स्किन को बचाना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन घर में कुछ ऐसी प्राकृतिक और पूरी तरह स्किन फ्रेंडली चीजें होती हैं, जिससे आप सनबर्न (Sunburn) से त्वचा को बचा सकते हैं।

  • गर्मियों में सूरज की रोशनी से जल जाती है स्किन
  • सनबर्न से खत्म हो जाती है त्वचा की नमी
  • टैनिंग और सनबर्न से बचा सकते हैं स्किन

नई दिल्ली। गर्मियां आते ही स्किन टोन डार्क हो जाती है।  धूप, धूल और गर्मी के कारण सिर्फ स्किन टोन ही नहीं डार्क होती बल्कि त्वचा की और परेशानियां भी शुरू हो जाती हैं।  जैसे कि दानें, मुंहासे, ब्लैक पैच आदि। ऐसे में गर्मियों में त्वचा की देखभाल और भी जरूरी हो जाती है। टैनिंग और सनबर्न से स्किन को बचाना गर्मी में वाकई बहुत मुश्किल होता है, लेकिन घर में कुछ ऐसी प्राकृतिक और पूरी तरह स्किन फ्रेंडली चीजें होती हैं, जिनसे आप सनबर्न (Sunburn) से त्वचा को बचा सकते हैं। इसके अलावा आप अपनी त्वचा को भीषण गर्मी में भी ठंडा रखकर डैमेज से बचा सकते हैं।

यह बात भी सही है कि घरेलू नुस्खों से भी बहुत लोग दूर भागते हैं। इसकी वजह होती है इन्हें बनाने में या तैयार करने से जुड़ी परेशानी, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। हम आपको बता रहे हैं ऐसे 4 फेसमास्क जो आप बस दो-दो चीजों से ही बना सकते हैं। हम आपके लिए यहां कुछ खास घरेलू नुस्खे और किचन में रखी चीजों की लिस्ट लेकर आए हैं। गर्मी में इन चीजों को खाने और त्वचा पर लगाने से आपकी स्किन में ग्लो (Glowing Skin) बना रहेगा और आपको लू भी नहीं लगेगी। इनमें गेंहू का आटा, नींबू का रस, संतरे का जूस और ऐलोवेरा जैसी कई चीजें शामिल हैं।

पिएं खूब सारा पानी- खूबसूरत त्वचा के लिए जरूरी है कि आप दिन में कम से कम 6 से 7 गिलास पानी पिएं। इससे आपका पेट साफ रहेगा और त्वचा टोन्ड रहेगी। इसके अलावा ऐसे फलों को खाएं, जिनमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जैसे – खीरा, ककड़ी, कच्चा टमाटर, संतरा। इससे आपकी बॉडी में पानी की कमी नहीं होगी।

स्किन को करें ठंडा– स्किन को टैनिंग और सनबर्न से बचाने के लिए ठंडी तासीर की चीजें खाने के साथ ही त्वचा पर उन चीजों को लगाना भी होता है, जो त्वचा को ठंडक दें।  ऐलोवेरा जेल, चंदन पाउडर, नींबू और दही, कच्चा आलू के अलावा केला और गुलाब-जल को चेहरे पर लगाकर चेहरे को ठंडा बना सकते हैं। इससे चेहरे की स्किन सॉफ्ट बनी रहेगी और सूरज की गर्मी से जलेगी भी नहीं।

लगाएं गेंहू का फेसपैक- गेहूं को धोने के बाद पानी में भिगोकर रख दें। अगर आप इन्हें खाना चाहती हैं तो आपको 2 से 3 दिन का इंतजार करना होगा, लेकिन फेस पैक बनाने  के लिए रात को भिगोकर रखे गए गेहूं से सुबह फेस पैक बना सकती हैं। भीगे हुए गेहूं को पानी से निकालकर गुलाबजल के साथ पीसकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट में 2 चुटकी हल्दी मिलाएं और सूखने तक इसे चेहरे पर लगा लें। उसके बाद ताजे पानी से धोकर मॉइश्चराइजर लगाएं।

करें सनस्क्रीन का उपयोग-धूप में निकलने से पहले 30 SPF वाला सनस्क्र‍ीन का इस्तेमाल करें, लेकिन ध्यान रहे कि इसे घर से निकलने के 15 मिनट पहले लगाना होता है।  सनस्क्रीन लगाने के तुरंत बाद धूप में ना निकलें। दिन में तीन बार सनस्क्रीन लगाएं। इसके अलावा धूप में सनग्लास के बिना ना निकलें। हानिकारक यूवी लाइट के कारण आंखों के किनारे झुर्रियां आ सकती हैं। इसलिए जब भी धूप में निकलें, सनग्लास पहनकर ही निकलें।

गर्मियों में तंदरुस्ती के लिए ऐसा हो खानपान

फिट बने रहने को गर्मियों में नियमित रखें खानपान

गर्मियों में मिलने वाले फलों में पानी की मात्रा काफी होती है, इसलिए इनका सेवन जरूर करें।

तरबूज, खरबूज, खीरा आदि को नियमित लेने से शरीर में पानी के साथ खनिज-लवणों की भी पूर्ति होती है।

गर्मी में सामान्य खाना जैसे दाल, चावल, सब्जी, रोटी आदि खाना ठीक रहता है।

भूख से थोड़ा कम खाने से आपका हाजमा भी ठीक रहेगा और फुर्ती भी बनी रहेगी। इसके साथ तली हुई चीजों को ज्यादा न खाएं, यह आपका हाजमा बिगाड़ सकते हैं।

गर्मियों में शरीर का अधिकांश पानी पसीने के रूप में वाष्पीकृत हो जाता है। इसलिए दिन में कम से कम 4 लीटर या क्षमतानुसार पानी पिएं।

गर्मी में नारियल पानी, छाछ और लस्सी पीने से भी जल का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

गर्मी के मौसम में तली और मसालेदार चीजें खाने की इच्छा ज्यादा होती है, लेकिन इस मौसम में इन चीजों से बचा जाना ही बेहतर होता है।

खाने में बहुत ज्यादा नमक भी नहीं लेना चाहिए। नमकीन, मूंगफली, तले हुए पापड़-चिप्स और तेल में तले हुए खाद्य पदार्थ न ही खाएं तो बेहतर होगा।

बहुत आसान है बनाना फूलगोभी का पराठा

उत्तर भारतीय व्यंजन में से एक गोभी का पराठा (फूलगोभी पराठा) आमतौर पर सुबह के नाश्ते के लिए बनाया जाता है। इस पराठे को बनाने की विधि भी अन्य भरवां परांठे बनाने जैसी ही है, केवल भराई की विधि अलग है। इस पराठे में गोभी के स्वादिष्ट मसाले की भराई (स्टफिंग) की जाती है। साथ में उबला हुआ आलू, प्याज, हरा धनिया और अन्य मसाले भी डाले गये हैं।


पूर्व तैयारियों का समय: 10 मिनट
पकाने का समय: 30 मिनट
कितने लोगों के लिए: 3

सामग्री:
1½ कप + 1/2 कप गेहूं का आटाK
2 कप कद्दूकस किया हुआ गोभी
1 छोटा आलू, उबला, छिला और कद्दूकस किया हुआ
1/4 टीस्पून जीरा
1 मध्यम प्याज, बारीक कटा हुआ
1 टीस्पून अदरक-लहसुन का पेस्ट
1 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
2 टेबलस्पून बारीक कटा हुआ हरा धनिया
1 टीस्पून नींबू का रस या अमचूर पाउडर
1/3 टीस्पून गरम मसाला पाउडर
1/8 टीस्पून हल्दी पाउडर
1/4 टीस्पून लाल मिर्च पाउडर
2 टेबलस्पून मक्खन (बटर)
5 टीस्पून तेल + शैलो फ्राई करने के लिए
नमक
विधि
एक परात में 1½ कप आटा, 2-टीस्पून तेल और नमक डाल कर अच्छे से मिला लें।  आवश्यकतानुसार थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम आटा (चपाती या रोटी के आटा की तरह) गूंध लें। गुंधे हुए आटे के ऊपर 1 टीस्पून तेल डालें और उसकी सतह तेल लगाकर चिकनी कर लें। आटे को ढककर 15 मिनट के लिए सेट होने दें।
इस बीच भराई के लिए गोभी का मसाला तैयार करने के लिये एक कड़ाही या पैन में मध्यम आंच पर 2 टीस्पून तेल गरम करें। उसमें जीरा डालें, जब जीरा सुनहरा होने लगे तब बारीक कटा हुआ प्याज डालें और उसे हल्के भूरे रंग का होने तक भून लें। अब अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डाल कर लगभग 30 सेकंड के लिए भूनें। कद्दूकस किया हुआ फूल गोभी और नमक डाल कर अच्छी तरह से मिला लें। मिश्रण को थोड़ा सूखा होने तक (लगभग 3-4 मिनट) भूनें। चिपकने से रोकने के लिए बीच में चमचे से चलाते भी रहें।
अब गरम मसाला पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, नींबू का रस (या अमचूर पाउडर) और हरा धनिया डालें। अच्छे से मिला कर 1 मिनट के लिए पकने दें और उबला हुआ आलू डालें। सभी को अच्छे से मिला कर गैस बंद कर दें। गोभी का मसाला भराई के लिए तैयार है। इसे 5-7 मिनट के लिए ठंडा होने दें। मसाले को 6 बराबर भागों में बांट लें।

आटे को 6 बराबर भागों में बांट कर हर एक भाग को गोल आकार दें और उसे अपनी हथेलियों के बीच दबाकर लोई बना लें।

एक प्लेट में ½ कप सूखा आटा लें। एक लोई को सूखे आटे से लपेट लें और चकले के ऊपर रखे। इसे एक छोटी गोल पूरी (4-5 इंच व्यास) के आकार में बेल लें। इसके बीच में भराई का एक हिस्सा रखें।

बेली हुई पूरी की किनारे चारो ओर से ऊपर की तरफ उठाईये और भराई (मसाले) को आटे से लपेट लें। किनारों को सील करें और फिर से उसे गोल आकार दें।

उसे चकले के ऊपर रख कर धीरे से दबाएं  ताकि लोई की तरह बन जाए।

उसे सूखे आटे से लपेटें और लगभग 6-7 इंच व्यास वाले और लगभग 1/2 सेंटीमीटर मोटाई वाले गोल आकार में (रोटी या चपाती की तरह) बेल लें।

एक तवे को माध्यम आंच पर गर्म करें। एक कच्चे पराठे को तवे के ऊपर रखें। उसे पलटे और फिर दोनों तरफ 1/2 टीस्पून तेल समान रूप से लगाके लगभग 30-40 सेकंड के लिए प्रत्येक तरफ से पकाइये। जरुरत के अनुसार पराठे को पलटें और सुनहरे भूरे रंग की चित्ती (छोटे धब्बे) आने तक पकाइये।

गोभी पराठा को प्लेट में निकाल कर उसके ऊपर मक्खन लगा दें। बाकी बचे आटे के गोले में से भी इसी तरह पराठे बना लें। उन्हें आलू करी और अपने पसंदीदा खट्टा और मसालेदार अचार के साथ गरम परोसें।

सुझाव:
आसानी से भरवां पराठा बेलने के लिए नरम आटा गूंधे। पराठे मुलायम बनाने के लिए आटा गूंधने में पानी के बजाय दूध का उपयोग भी कर सकते हैं। आलू के बिना भी मसाला बनाया जा सकता है।

स्वाद: मुलायम, हल्का तीखा और नमकीन

परोसने के तरीके: गोभी पराठा को अचार और चाय के साथ सुबह के नाश्ते में या पुदीना का रायता और दही के साथ शाम के खाने में परोसें। इसे मटर पनीर और नमकीन लस्सी के साथ दोपहर के खाने में भी परोस सकते हैं और अचार के साथ बच्चे के लंचबॉक्स में भी पैक कर सकते हैं।
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